Secret Romantic Love Shayari | कुछ तो बात है तेरी फितरत में

Secret Romantic Love Shayari

 

कुछ तो बात है तेरी फितरत में जालिम,

वरना मैं तुझे चाहने की खता बार बार नही करता,

तू मेरे नसीब में नही है पता है,

इसलिये खुदा से तेरे लिये तकरार नही करता,

मैं लफजों में अगर जाहिर नही करता ,

इसका मतलब ये नही के मैं तुझे प्यार नही करता,

कहीं तमाशा ना बन जाये मेरी मोहब्बत जमाने की निगाहों में,

इसलिये तेरा जिकर बार बार नही करता,

प्यार बहुत करता हूँ मैं तुझसे लेकिन तुझे सोचने में,

वक्त बरबाद नही करता !!!




Secret Romantic Love Shayari

 

क्या वो वक्त लौट नही सकता जब पहली बार हमारी नज़रे टकरायी थी,

*
क्या वो वक्त लौट नही सकता जब बारिश मे भी प्यार बरसता था,

*
क्या वो वक्त लौट नही सकता, जब रात भर फोन पर बाते करते करते हम सो जाते थे.

*
क्या वो वक्त लौट नही सकता, जब प्यार के 2 फूल हमने किताब मे छूपाये थे.

*
क्या वो वक्त लौट नही सकता जो मैने तुम्हारे साथ बिताये थे…




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