New Bewafa Shayari Hindi Me | कम्बख़्त इश्क में क्या गिरे

New Bewafa Shayari Hindi Me   “औकात नहीं थी ज़माने में जो मेरी कीमत लगा सके, कम्बख़्त इश्क में क्या गिरे, मुफ्त में नीलाम हो गये।”   “उसूलों पे जहाँ आँच आये टकराना ज़रूरी है, जो ज़िन्दा हों तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है।”

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